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समाज के उच्च आदर्श, मान्यताएं, नैतिक मूल्य और परम्पराएँ कहीं लुप्त होती जा रही हैं। विश्व गुरु रहा वो भारत इंडिया के पीछे कहीं खो गया है। ढून्ढ कर लाने वाले को पुरुस्कार कुबेर का राज्य। (निस्संकोच ब्लॉग पर टिप्पणी/ अनुसरण/निशुल्क सदस्यता व yugdarpan पर इमेल/चैट करें, संपर्कसूत्र-तिलक संपादक युगदर्पण 09911111611, 9999777358.

बिकाऊ मीडिया -व हमारा भविष्य

: : : क्या आप मानते हैं कि अपराध का महिमामंडन करते अश्लील, नकारात्मक 40 पृष्ठ के रद्दी समाचार; जिन्हे शीर्षक देख रद्दी में डाला जाता है। हमारी सोच, पठनीयता, चरित्र, चिंतन सहित भविष्य को नकारात्मकता देते हैं। फिर उसे केवल इसलिए लिया जाये, कि 40 पृष्ठ की रद्दी से क्रय मूल्य निकल आयेगा ? कभी इसका विचार किया है कि यह सब इस देश या हमारा अपना भविष्य रद्दी करता है? इसका एक ही विकल्प -सार्थक, सटीक, सुघड़, सुस्पष्ट व सकारात्मक राष्ट्रवादी मीडिया, YDMS, आइयें, इस के लिये संकल्प लें: शर्मनिरपेक्ष मैकालेवादी बिकाऊ मीडिया द्वारा समाज को भटकने से रोकें; जागते रहो, जगाते रहो।।: : नकारात्मक मीडिया के सकारात्मक विकल्प का सार्थक संकल्प - (विविध विषयों के 28 ब्लाग, 5 चेनल व अन्य सूत्र) की एक वैश्विक पहचान है। आप चाहें तो आप भी बन सकते हैं, इसके समर्थक, योगदानकर्ता, प्रचारक,Be a member -Supporter, contributor, promotional Team, युगदर्पण मीडिया समूह संपादक - तिलक.धन्यवाद YDMS. 9911111611: :

Thursday, July 7, 2016

समान नागरिक संहिता का चुनाव से संबंध नहींः प्रसाद

समान नागरिक संहिता का चुनाव से संबंध नहींः प्रसाद 
समान नागरिक संहिता का चुनाव से संबंध नहींः प्रसादनदि तिलक। विधि मंत्रालय का आज कार्यभार संभालते हुए रविशंकर प्रसाद ने कहा कि समान नागरिक संहिता लागू करने के विषय को विधि आयोग को भेजने का उत्तर प्रदेश में आगामी वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव से कोई संबंध नहीं है। विधि मंत्री ने कहा, ‘‘इसे चुनाव से नहीं जोड़ें। उत्तराखंड में भी चुनाव होने हैं.. यह तथ्य है कि संविधान का अनुच्छेद 44 समान नागरिक संहिता की बात करता है। उच्चतम न्यायालय ने समय समय पर समान नागरिक संहिता के बारे में व्यवस्था दी है.. यह हमारे (भाजपा) चुनाव घोषणापत्र में भी है।’’ 
समान नागरिक संहिता के बारे में संवाददाताओं के कई प्रश्नों के उत्तर में उन्होंने कहा, ''इस बारे में व्यापक विचार विमर्श किये जाने की आवश्यकता है। विधि आयोग से विचार विमर्श करने को कहा गया है। वह जो भी रपट प्रस्तुत करेगा, वह उसके विवेकाधिकार का मामला है।’’ 
विधि मामलों के विभाग ने गत माह आयोग से समान नागरिक संहिता पर एक रपट प्रस्तुत करने को कहा था जो भाजपा और संघ परिवार के लिए सदा महत्त्व का विषय रहा है। इस पहल को ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है जब उच्चतम न्यायालय ने हाल ही में कहा था कि वह ‘तीन बार तलाक’ की संवैधानिक वैधानिकता पर कोई निर्णय करने से पूर्व व्यापक सार्वजनिक चर्चा चाहती है। इस बारे में कई लोगों की शिकायत है कि इसका दुरूपयोग करते हुए मनमाने ढंग से पत्नियों को तलाक दिया जाता है। इस पहल का भाजपा ने स्वागत किया है जबकि मुस्लिम मजलिस और कुछ कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध किया है। 
विश्वगुरु रहा वो भारत, इंडिया के पीछे कहीं खो गया |
इंडिया से भारत बनकर ही, विश्व गुरु बन सकता है; - तिलक
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