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Thursday, December 6, 2012

भाजपा नेतृत्व दूसरी पीढ़ी के नेताओं के हाथ।

भाजपा नेतृत्व दूसरी पीढ़ी के नेताओं के हाथ राजनैतिक विचार मंथन  Like, comment, share, tag 50 frnds


भाजपा के मुख्य मंत्री दाएं से बाएं, नरेंद्र मोदी (गुजरात), रमन सिंह (छत्तीसगढ़), पीके धूमल (हिमाचल प्रदेश), 
पू. मु. मं. अर्जुन मुंडा (झारखंड), रमेश पोखरियाल निशंक (उत्तराखंड) और बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी

अंतत: सुषमा जी ने प्रधानमंत्री पद के लिए एक 'सशक्त प्रत्याशी" के रूप में नरेंद्र मोदी का समर्थन किया।"  भाजपा में आडवाणी जी की संभावना को 2009 में जिस तरह से नष्ट होते देखा गया तथा सुषमा जी, सीमित सार्वजनिक आकर्षण के साथ एक अच्छी वक्ता है। इन के बाद प्रशासकीय क्षमता में गडकरी स्वयं की भूमिका वास्तव में जानता है तथा शक्ति खेल से बाहर ही रहा है। जेटली ने लोकसभा चुनाव कभी नहीं जीता है। वह और गडकरी संभवत: इस पद के लिए सभी से कम योग्य हैं। तब नेतृत्व का सारा  दायित्व दूसरी पीढ़ी पर ही आता है।
सब से पहले, शर्मनिरपेक्ष मीडिया द्वारा शीर्ष भाजपा नेतृत्व की वर्तमान पीढ़ी के नेताओं के बारे में सदा अप्रचार चलता रहा तथा अब तक जारी है किन्तु एक नए रूप में, जैसे कि इनकी उपयोगितासमाप्त हो गयी है। ये लोग क्षुद्र प्रतिद्वंद्विता में फंस गए हैं। और औसत दर्जे का एक पठार तक पहुँच चुके हैं।... तथा इस अगली पीढ़ी के भाजपा मुख्यमंत्रियों पर कलंक लगाने के सफल असफल प्रयास भी चलते रहे हैं।              वास्तव में केंद्र का पूरा तंत्र, मीडिया की पूरी टीम समेत, सभी शर्मनिरपेक्ष  सदा भाजपा के प्रतिद्वंद्वियों की तरह व्यवहार करते रहे हैं। दूसरी ओर, जहाँ मीडिया के बल पर 65 वर्ष कांग्रेस पार्टी के हर नेता ने सदा बयानबाजी और नारेबाजी से जनता को भरमाया है। किन्तु, वहीं शर्मनिरपेक्ष मीडिया के प्रतिद्वंद्वी बन जाने पर भी स्पष्ट है; कि भाजपा नेताओं को जनता द्वारा जब तब मुख्यमंत्री के रूप में प्रदर्शन का एक अवसर देने पर भी वह दिखा देते हैं, कि भाजपा शासित राज्यों के सभी मुख्यमंत्री प्रबंधन में समक्ष हैं। 
चाहे वे भाजपा के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी (गुजरात), रमन सिंह (छत्तीसगढ़), पीके धूमल (हिमाचल प्रदेश) हो अथवा पू.मु.मं. अर्जुन मुंडा (झारखंड), रमेश पोखरियाल निशंक (उत्तराखंड) यदूरपा (कर्नाटक) और बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी हो।  इन सब के बीच कुछ नेताओं ने जनता का विश्वास जीत लिया और बने रहे, तथा अन्य कुछ नेता सच्चे होकर भी असफल रहे। तब विफल रहे नेता को अयोग्य प्रबंधक कहलाने का दंश भी झेलना पड़ गया। जबकि विशाल दक्षिण भारतीय क्षेत्र में भाजपा के पैर जमाने में, विशेषकर कर्नाटक एक काफी महत्वपूर्ण राज्य था।
गुजरात चुनाव में कांग्रेस को एक राजनीतिक झटका देने की क्षमता भाजपा में है। अत: भाजपा शासित राज्यों के सभी मुख्यमंत्रियों ने, न केवल किसी भी दुराव छिपाव के बिना मोदी का समर्थन किया है, किन्तु उसके लिए चुनाव प्रचार भी किया गया है। यह भीड़ को उत्साहित करने में ही नहीं चाहिए, किन्तु इसका दीर्घकालिक व दूरगमी प्रभाव भाजपा के भविष्य (चुनाव 2014) पर भी रहना है। 
शर्मनिरपेक्ष कांग्रेस के लिए संभवत: अयोग्य प्रबंधन यह सामान्य बात है, ऐसा करने तथा भ्रष्टाचार के कारण उसने जनता का यह विश्वास खो दिया है, वह वापस नहीं हो सकता। किन्तु भाजपा के सभी मुख्यमंत्रियों ने दिखाया है कि वे कैसे दक्षता के साथ शासन करने के लिए योग्य हैं। तो हम जानते हैं कि वे सभी सक्षम पुरुष हैं।  पूरे कांग्रेस मशीनरी के उनके खिलाफ रहने के बाद भी, उनमें से BSY के अलावा अन्य कोई भी, किसी भी मामले में नहीं फंसा है। हम जानते हैं कि वे सब बहुत ईमानदार है। वे हर बार चुनाव सरलता से जीत लेते है। 
तो हम जानते हैं कि इन लोगों में वह जनाकर्षण है और ये राष्ट्रीय स्तर पर इसका उपयोग कर सकते हैं। उनका उत्साह साफ नजर आता  है किन्तु स्पष्ट है कि अहं किसी में हीं नहीं दिख रहा है। स्पष्ट रूप से वे, राष्ट्रीय परिदृश्य में मोदी के बड़ते कदम के आसपास भी न रहने से परेशान नहीं हैं। इन लोगों से मुझे आशा जागी है कि भाजपा नेताओं में, हमें अगले दशक में और उसके बाद भी नेतृत्व करने के लिए एक दूसरी पीढ़ी उपलब्ध है।
 ऐसे सक्षम नेतृत्व की एक दूसरी पीढ़ी भविष्य में भाजपा को एक बहुत ही महत्वपूर्ण खिलाड़ी बना देगी। जबकि राहुल और प्रियंका के रहते कांग्रेस आलाकमान की किसी को इनके आसपास भी लाने की कोई इच्छा नहीं है। तृणमूल कांग्रेस सहित क्षेत्रीय पार्टियाँ या तो सभी परिवार चलाने के लिए या एक व्यक्तित्व पंथ पर आधारित हैं। वहां दूसरी पीढ़ी के नेतृत्व की कोई सम्भावना नहीं है। वाम पंथ का रूस -चीन मोह स्पष्ट रूप से देख जान कर एक राष्ट्रीय बन सकना असंभव है।
यही कारण है कि हमें भाजपा के भविष्य के बारे में जानकर अच्छा लगता हैं। यदि हम केवल वर्तमान गंदगी से उठ कर चल सकते हैं और 2014 जीतने के लिए एक मार्ग मिल सकता हैं।आइयें, इस के लिये संकल्प लें: भ्रम के जाल को तोड़, अज्ञान के अंधकार को मिटा कर, ज्ञान का प्रकाश फेलाएं। आइये, शर्मनिरपेक्ष मैकालेवादी बिकाऊ मीडिया द्वारा समाज को भटकने से रोकें; जागते रहो, जगाते रहो।।
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Wednesday, December 5, 2012

रामसेवको को ससम्मान श्रद्धांजलि ।

राम जन्म स्थल पर, पूज्य रामसेवको के देवलोक गमन पर,  ससम्मान श्रद्धांजलि ।

हंसी भी आती है 
होती है वेदना भी। 
वो संविधान, 
जिस पर 
मेरे जैसे 
राम वाले ने 
ना कभी अंगूठा लगाया 
ना हस्ताक्षर किये, 
महाजन की हुंडी सा 
हर सांस पर लगान वसूलता ;
धर्म-निरपेक्षता के (शर्म-निरपेक्षता)
अर्थ, तक नहीं जानता जो 
बिठाता है (?)
न्याय की कुर्सियों पर 
भिश्तियों और गुलामों को !!
वहाँ 
मेरे राम का न्याय होगा। 
एक वीभत्स प्रहसन है।। 
स्वाहा हो चुके 
राम सेवको की लाशो पर 
रोटिया सकते दल 
राम और रामायण की 
प्रासंगिकता को नकारते 
वोटो की खातिर (दलाल)
आत्मा तक बेच चुके जो, 
वो (?)
पहरे लगाते है।। 
जानते नहीं 
कितने राम 
बसते है 
हर हिन्दू ह्रदय में ??
जो जानता है 
वो हसता है
अधम वर्णसंकर जमात पर; 
जो काबिज है 
पदों पर 
मीडिया पर 
न्यायालयों में।। 
चौखट चूमती 
अपराधियों 
और 
बलात्कारियों की 
जूठन खाती 
लिजलिजी व्यवस्था ;
एक कोढ़ है 
मेरे भारत पर।। 
और 
ये सब 
देखते मेरे राम 
मौन बैठे है 
समुद्र तट पर, 
राह माँगते। 
और दुष्ट रावण 
अट्टहास करता 
इसे समझ बैठा है 
पराजय।।
अब विभीषण जागे है 
अब राम को 
क्रोध भी आया है ,
बाण तुणीर से धनुष तक 
आते ही ,
सागर देगा 
स्वयं राह 
ये तय है। 
बाकी सब लीला है 
और  
आज राक्षस 
अट्टहास करते है, 
क्योंकि 
थोड़े ही प्राण बाकी है।। 
- जय श्री राम !
source: Tarun's Diary
हिन्दू धर्म की निशानियों के लिए, लड़कपन में ही जान लुटा चुके वानर वीरो तुल्य पूज्य रामसेवको के देवलोक गमन पर,  ससम्मान श्रद्धांजलि ।
"मुझे गर्व है कि मैं राम को मानता हूँ , मुझे संतोष है कि मैं धर्म को जानता हूँ " 
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कभी विश्व गुरु रहे भारत की, धर्म संस्कृति की पताका; विश्व के कल्याण हेतू पुनः नभ में फहराये | - तिलक
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Sunday, November 25, 2012

नानक देव के प्रकाश दिवस पर बधाई व ढेर सारी हार्दिक शुभकामनाएं।

अखिल विश्व में फैले सम्पूर्ण हिन्दू समाज के आप सभी को सपरिवार, युगदर्पण परिवार की ओर से प्रकाश दिवस की बधाई व ढेर सारी हार्दिक शुभकामनाएं।
नानक देव के प्रकाश दिवस पर आइयें, इस के लिये संकल्प लें: भ्रम के जाल को तोड़, अज्ञान के अंधकार को मिटा कर, ज्ञान का प्रकाश फेलाएं। आइये, शर्मनिरपेक्ष मैकालेवादी बिकाऊ मीडिया द्वारा समाज को भटकने से रोकें; जागते रहो, जगाते रहो।।
यह प्रकाश दिवस भारतीय जीवन से आतंकवाद, अवसरवाद, महंगाई, भ्रष्टाचार आदि की अमावस में, सत्य का दीपक जला कर धर्म व सत्य का प्रकाश फैलाये तथा भारत को सोने की चिड़िया का खोया वैभव, पुन:प्राप्त हो !
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प्रारंभिक जीवन
गुरु नानक देव का जन्म 15 अप्रैल 1,469 लाहौर के निकट राय भोई की तलवंडी (अब पाकिस्तान में, ननकाना साहिब कहा जाता है,) में हुआ था। [2] यह अब गुरु नानक देव के प्रकाश दिवस के रूप में मनाया जाता है। आज [3],  उनका जन्मस्थान गुरुद्वारा जनमस्थान नाम से चिह्नित है। उनके पिता, कल्याण चंद दास बेदी लोकप्रिय नाम, कालू मेहता [4], तलवंडी के गांव राय बुलार भट्टी [5] में, उस क्षेत्र के एक मुस्लिम मकान मालिक के द्वारा फसल राजस्व के लिए एक पटवारी (एकाउंटेंट) नियोजित किया गया था। नानक की माता का नाम तृप्ता था। उनकी एक बड़ी बहन, बीबी नानकी, जो एक आध्यात्मिक व्यक्ति बन कर उभरी । 
गुरुद्वारा ननकाना साहिब

नानकी से जय राम, लाहौर के अंतिम गवर्नर दौलत खान लोदी, के स्टुअर्ड (मोदी) ने शादी कर ली और सुल्तानपुर, अपने शहर के लिए चला गया। नानक बड़ी बहन के साथ संलग्न और उसके पति के साथ रहने के लिए सुल्तानपुर आ गया। नानक को दौलत खान के साथ भी काम मिल गया, जब वह लगभग 16 वर्ष का था। यह नानक के जीवन का एक प्रारंभिक समय था। पुरातन मान्यता प्राप्त (जीवन खाते) जनम सखी के अनुसार और अपने भजन में मान्य कई संकेतों में, नानक ने सबसे अधिक संभावना इस समय में प्राप्त की। [6]
उनके जीवन पर टीकाओं के विवरण के अनुसार, एक युवा उम्र से की जागरूकता को, खिलते देखा गया । पांच वर्ष की उम्र में, नानक ने आध्यात्म के विषयों में रूची दर्शा है।  सात वर्ष की उम्र में पिता, कालू मेहता ने, प्रथा के अनुसार उसे अपने गांव के स्कूल में दाखिल कराया था। [7] उल्लेखनीय है कि गुरु नानक को वर्णमाला के पहले अक्षर में निहित प्रतीकों का वर्णन करके अपने शिक्षक को चकित करने वाले एक बच्चे के रूप में याद करते है। फारसी या अरबी विद्या में एक लगभग सीधे (स्ट्रोक) रेखा, जो 'एक' की गणितीय संस्करण जैसी या ईश्वर की एकता के रूप में बताया है।[8] नानक के बचपन के बारे में 'राय बुलार' के द्वारा उद्धत विवरण देखें। जहाँ सो रहे बच्चे के सिर पर कठोर धूप से ढाल के रूप में एक जहरीला कोबरा देखा गया व इस तरह के अजीब और अन्य चमत्कारी घटनाओं को देखा जाता रहा है।
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Saturday, November 17, 2012

बाला साहब ठाकरे राष्ट्रप्रहरी थे।

राष्ट्रप्रहरी बाला साहब ठाकरे अनन्त में विलीन:
निर्मल ह्रदय, स्पष्टवक्ता, प्रखर हिन्दूत्ववादी राष्ट्रप्रहरी, बाला साहब ठाकरे का अनन्त में समा जाना, परिवार, देश व हिन्दूत्व के लिए असहनीय क्षति है, परमात्मा उनकी आत्मा को शांति व हम ब को दुख सहने की क्षमता प्रदान करें। आप सदा हमारे ह्रदय में प्रकाश बनके समाये रहेंगे 
राष्ट्रप्रहरी बाला साहब ठाकरे एक निर्मल ह्रदय, स्पष्टवक्ता थे, तथा जीवन पर्यन्त देश, समाज व हिन्दूत्व के लिए निरन्तर संघर्षरत रहे। आज हम विचार व सिद्धांत के महत्त्व को नहीं समझते, किन्तु वे निर्विवाद रूप से मानते थे। तथा इस पर समझौता करने को तैयार नहीं थे। हमने देखा यदि सत्य में निष्ठा है, तब विचार मेल न खाते होने पर भी समस्या नहीं, सम्मान मिलता है। हम सत्यनिष्ठा का पालन करें। वन्देमातरम, 
राष्ट्रप्रहरी बाला साहब ठाकरे अनन्त में विलीन: निर्मल ह्रदय, स्पष्ट..... -तिलक, युगदर्पण मीडिया समूह YDMS, 9911111611. http://jeevanmelaadarpan.blogspot.in/2012/11/blog-post_17.html
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Saturday, November 10, 2012

सार्थक दीपावली सन्देश

सार्थक दीपावली सन्देश:సార్థక దీపావలీ సన్దేశ  ,  ஸார்தக தீபாவலீ ஸந்தேஸ ,  ಸಾರ್ಥಕ ದೀಪಾವಲೀ ಸನ್ದೇಶ ,  സാര്ഥക ദീപാവലീ സന്ദേശ ,সার্থক দীপাবলী সন্দেশ,

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युगदर्पण का सार्थक दीपावली सन्देश: सार्थक दिपावली का अर्थ ? 
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युगदर्पण का सार्थक दीपावली सन्देश: सार्थक दिपावली का अर्थ ? 
दशहरा यदि सत्य का असत्य पर विजय का प्रतीक है, तो दीपावली प्रकाश का अन्धकार पर। आइयें, इस के लिये संकल्प लें: भ्रम के जाल को तोड़, अज्ञान के अंधकार को मिटा कर, ज्ञान का प्रकाश फेलाएं। आइये, शर्मनिरपेक्ष मैकालेवादी बिकाऊ मीडिया द्वारा समाज को भटकने से रोकें; जागते रहो, जगाते रहो।। 
यह दीपावली भारतीय जीवन से आतंकवाद, अवसरवाद, महंगाई, भ्रष्टाचार आदि की अमावस में, सत्य का दीपक जला कर धर्म व सत्य का प्रकाश फैलाये तथा भारत को सोने की चिड़िया का खोया वैभव, पुन:प्राप्त हो! अखिल विश्व में फैले सम्पूर्ण हिन्दू समाज के आप सभी को सपरिवार, युगदर्पण परिवार की ओर से दीपावली की ढेर सारी हार्दिक शुभकामनाएं। 
पत्रकारिता व्यवसाय नहीं एक मिशन है -इस देश को लुटने से बचाने तथा बिकाऊ मेकालेवादी, मीडिया का एक मात्र सार्थक, व्यापक, विकल्प -राष्ट्र वादी मीडिया |अँधेरे के साम्राज्य से बाहर का एक मार्ग...remain connected to -युगदर्पण मीडिया समूह YDMS. तिलक रेलन 9911111611 ... yugdarpan.com

दशहरा यदि सत्य का असत्य पर विजय का प्रतीक है, तो दीपावली प्रकाश का अन्धकार पर। आइयें, इस के लिये संकल्प लें: भ्रम के जाल को तोड़, अज्ञान के अंधकार को मिटा कर, ज्ञान का प्रकाश फेलाएं। आइये, शर्मनिरपेक्ष मैकालेवादी बिकाऊ मीडिया द्वारा समाज को भटकने से रोकें; जागते रहो, जगाते रहो।।
यह दीपावली भारतीय जीवन से आतंकवाद, अवसरवाद, महंगाई, भ्रष्टाचार आदि की अमावस में, सत्य का दीपक जला कर धर्म व सत्य का प्रकाश फैलाये तथा भारत को सोने की चिड़िया का खोया वैभव, पुन:प्राप्त हो! अखिल विश्व में फैले सम्पूर्ण हिन्दू समाज के आप सभी को सपरिवार, युगदर्पण परिवार की ओर से दीपावली की ढेर सारी हार्दिक शुभकामनाएं।
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Thursday, November 8, 2012

अँधेरे का साम्राज्य ? भाग-4,

अँधेरे का साम्राज्य ? भाग-4, ...Pl. Like it, join it, share it. Tag 50 frnds.
वन्देमातरम, क्या ये देश आपका नहीं है? अब कलम जगाये, तथा देश जागेगा -
शर्मनिरपेक्षता का उपचार

केजरीवाल ने जो दावे किये उनसे किसका अधिक लाभ हुआ 
न्यूज़ चैनलों का --टी.आर.पी.बढाने के लिए ? 

देश का ---भ्रष्टाचार कम करने के लिए ? 
न्यूज़ चैनलों का --टी.आर.पी.बढाने के लिए ? देश का ---भ्रष्टाचार कम करने के लिए ? 


स्वयं केजरीवाल का ---अपनी ब्रांडिंग करने के लिए ?
या मत और ध्यान बाँटने के लिए ? 


कृपया उत्तर दें 
दि आपके उत्तर देश की जनता के उत्तर से मिल जातें हैं, तो आपका 
दिल एक राहत
 पा सकता है  ...
अन्यथा शर्मनिरपेक्ष मीडिया, सरकार व केजरीवाल का यह चक्रव्यह चलता रहेगा। 
शर्मनिरपेक्ष मीडिया द्वारा हम सब को प्रभावित और गलत नेतृत्व किया जा रहा है ! 
कभी कोई शर्मनिरपेक्षता का रावण, भिन्न भिन्न कानून के रूप में या भिन्न भिन्न न्याय के रूप में हमें छलता है ! जब पाखंडी खुजली, तीस्ता सीतलवाद अब जालसाज दमानिया जैसे मक्कारों के फरेब का साथ देता है ! इन सब को हम भिन्न भिन्न घटनाएँ न माने, मेकाले के 1935 से चले आ रहे, एक घिनोने व्यापक कुचक्र का अभिन्न अंग समझें ! ये सब उसके शर्मनिरपेक्ष पात्र हैं ! जो अपनी लकीर बड़ी करना नहीं, दूसरे की लकीर छोटी दर्शाना जानते हैं, वो इस धारणा को सिद्ध करना चाहते हैं, कि सारे दल भ्रष्ट व सारे नेता चोर हैं ! तभी तो अँधेरे का साम्राज्य बना रहेगा ! पूरे समाज में ही मूल्यों की जो गिरावट हुई है, उसका मूल कारण भी यही शर्मनिरपेक्षता है ! 
इस चक्रव्यह का लक्ष्य सनातन धर्म व परम्परा का साथ देने वाले सभी हैं ! यह चक्रव्यह कांग्रेस और कांग्रेस शासित सत्ता के समर्थन से भाजपा और भाजपा शासित सत्ता के विरूद्ध निरन्तर चल रहा है ! 
यह अंतर जब तक हम समझ नहीं लेते, अँधेरे का साम्राज्य बना रहेगा ! -तिलक 
भारतीय संस्कृति की सीता का हरण करने देखो | छद्म वेश में फिर आया रावण | 
संस्कृति में ही हमारे प्राण है | भारतीय संस्कृति की रक्षा हमारा दायित्व || -तिलक
आइये, बिकाऊ मीडिया द्वारा समाज को भटकने से रोकें, पहले सोच, फिर 2014 में सत्ता, फिर व्यवस्था का अमूल चूल परिवर्तन, को अपना लक्ष्य बनायें ! जागते रहो, जगाते रहो ! 
जागोगे नहीं, तो मिट जाओगे, अरे हिन्दोस्तान वालों, तुम्हारी दास्ताँ तक भी न होगी, दस्तानों में ! 
जागते रहो- इस देश को लुटने से बचाने तथा बिकाऊ मेकालेवादी, मीडिया का एक मात्र सार्थक, व्यापक, विकल्प -राष्ट्र वादी मीडिया |अँधेरे के साम्राज्य से बाहर का एक मार्ग...remain connected to -
तिलक संपादक, युगदर्पण मीडिया समूह YDMS. तिलक रेलन 9911111611 ... yugdarpan.com
विश्वगुरु रहा वो भारत, इंडिया के पीछे कहीं खो गया | इंडिया से भारत बनकर ही, विश्व गुरु बन सकता है; - तिलक

Tuesday, November 6, 2012

युगदर्पण के 50 हजारी होने पर

युगदर्पण के 50 हजारी होने पर आप सभी को हार्दिक बधाई व धन्यवाद। युग दर्पण ब्लाग पर बने, हमारे ब्लाग को 49 देशों के 3640, तथा राष्ट्र दर्पण पर 33 देशों के 1693, आप लोगों ने 4 नव.11 प्रथम 1 1/2 वर्षों में 10 हज़ार बार खोला व हमें 10 हजारी बनाया था। अब 4 नव.12 तक केवल एक वर्ष में, 63 देशों के 6360, तथा 51 देशों के 4100+ आप लोगों ने हमें 50 हजारी कर दिया है। आप सभी केवल हार्दिक बधाई व धन्यवाद के पात्र नहीं, हमआपका हार्दिक आभार व्यक्त करते हैं। पत्रकारिता व्यवसाय नहीं एक मिशन है -युगदर्पण मीडिया समूह YDMS. तिलक रेलन 9911111611 ... yugdarpan.com
विश्वगुरु रहा वो भारत, इंडिया के पीछे कहीं खो गया | इंडिया से भारत बनकर ही, विश्व गुरु बन सकता है; - तिलक